Why Panipat Movie Failed and never get expected result from audience in Hindi


पानीपत फ़िल्म में दिग्गज अभिनेता और अभिनेत्री होने के कारण भी यह फ़िल्म प्रेक्षको के उम्मीदो पर खरी नही उतरी। इस फ़िल्म में अगर हम अर्जुन और क्रीती को थोड़ा बाजू रख दे तो इस फ़िल्म में संजय दत्त, ज़ीनत अमन, मोहनीश बहल, सुहासिनी मूलय, रविन्द्र महाजनी इन जैसे दिग्गज कलाकारों ने काम किया है। अब बात आती है कि इतने अच्छे कलाकार होने कारण भी यह फ़िल्म क्यों नही चली। इस आर्टिकल में मैं ईसी की बारे में बात करूंगा और आप आगे पढते रहीये तो आपको समझ मे आजायेगा।

जैसे कि आपको पता है कि यह फ़िल्म सत्य घटना पर आधारित फिल्म है। यह फिल्म 18 वे शतक की पतिपत की लड़ाई ऊपर है जिसमे सदाशिवराव भाऊ जो कि मराठा सैन्य के सेनापति है और अफगानिस्तान के राजा अहमद शाह अब्दाली इन के बीच मे पानीपत में युद्ध हुआ था।

अर्जुन कपूर की एक्टिंग अच्छी है मगर हम इस फ़िल्म की बात करे तो वो सदाशिवराव के पात्र के लिए उनका चुनाव सही नही था। अर्जुन कपूर इस फ़िल्म कोई भी डायलॉग बोलते है तो ऐसा लगता है कुछ कमी सी लगती बेशक इस फ़िल्म डायलॉग में भी बोहोत सारि कमिया है। ऐसी फिल्मे ज्यादा तर उनके डायलॉग जानी जाती है और उसी में कमी हो तो पूरी फिल्म देखते वक्त हमे ऐसा लगता कुछ कमी सी लगने लगती है कलाकारों के बोल हमारे दिल को छु नही जाते। इस फ़िल्म में अर्जुन कपूर कुछ अलग सा अंदाज दिखाइ  नही दिया अगर हम बात करे बाजीराव मस्तानी फ़िल्म की बात करे उसमे रणवीर सिंह का बोलनेका और चलनेका अंदाज अलग है इसके वजह से वह फ़िल्म प्रेक्षको को ज्यादा पसंद आयी। अर्जुन कपूर को भी उनके एक्टिंग में परिवर्तन लाना चाहिए था पर वैसा कुछ हमे देखने को नही मिला।

इस फ़िल्म वीज्यूल इफ़ेक्ट की बात करे तो वो अच्छे थे उसमे कमिया दिखाई नही दी। सब ज्यादा खर्चा कर के सब असली दिख रहा था।

जैसे मेने बात की थी अगर इस फ़िल्म के बोल अगर अच्छे लिखे होते तो उम्मीद थोड़ी बाद जाती थी। सब कलाकार जैसे कि क्रीती सनोंन, संजय दत्त, ज़ीनत अमन, मोहनीश बहल, सुहासिनी मूलय, रविन्द्र महाजनी इन सभी की एक्टिंग ठीक ठाक थी। संजय दत्त की बात करे तो उनकी एक्टिंग और अच्छी हो सकती थी क्योंकि वो अच्छे कलाकार है।

अगर हम इस फ़िल्म की अच्छी बात बोले तो वह है इस फ़िल्म की लढाइ। अर्जुन अगर कुछ ठीक ठाक एक्टिंग की हो होगी तो वो सिर्फ लढाइ के दौरान।

मुझे लगता है कि इस फ़िल्म की सबसे बडी समस्या यह थी कि कलाकारों को चुनने की गलती। अगर हम बात करे इस फ़िल्म के डारेक्ष़न वो भी कुछ ज्यादा खास नही है। फ़िल्म में गाने तो बोहोत है पर एक भी ऐसा अच्छा गाना सुनने को नही मिला सब ठीक थे। ऐसी सब गलतियों की वजह से यह फ़िल्म प्रेक्षको को ज्यादा पसंद नही आए और कंपनी को बोहोत बडा घटा हुआ।